अठरा(महिला का बार-बार गर्भपात होना)(Eighteen)

अठरा (Eighteen)

परिचय :

अगर किसी महिला का बार-बार गर्भपात हो जाता है या उसके बच्चे पैदा होने के बाद उल्टी या दस्त के लगने से मर जाते हो तो उस महिला को अठरा रोग होता है।

कारण :

यह रोग महिला की गर्भाशय की कमी से होता है। गर्भाशय को ताकत देने वाली दवाइयों से अठरा रोग का इलाज किया जा सकता है।

जानकारी :

हर स्त्री अपने आपको स्वस्थ रखकर और सही तरह के पौष्टिक भोजन तथा उचित रहन-सहन के जरिये अपने गर्भ में पल रहे बच्चे के पालन-पोषण की ताकत रखती है। इसे जीवन शक्ति भी कहते हैं। हरी-सब्जियां, विटामिन भरे पदार्थ, सुबह-शाम का भ्रमण और साधारण व्यायाम करने से इस जीवन-शक्ति को बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि यह कारण और लक्षण हर महिला में अलग-अलग होता है, इसलिए किसी जानकार या अनुभवी डाक्टर से सहायता लेनी चाहिए।

अठरा का इलाज गर्भ के महसूस होने से पूर्व, गर्भ होने के दिनों में अथवा बच्चा पैदा होने के बाद, तीनों ही कारणों में आराम से नियम के अनुसार कराना चाहिए। यह रोग कई बार वीर्य की कमी तथा पति की कमजोरी की वजह से भी हो सकता है और स्त्री-पुरुष में से एक या दोनों के सुजाक यौन रोग की वजह से भी हो सकता है। इस रोग की जांच करवाकर सही तरह से ठीक होने तक स्त्री-पुरुष (पति-पत्नी) दोनों को आपस में संभोग आदि नहीं करना चाहिए और न ही गर्भ ठहरने देना चाहिए।

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